छत्तीसगढ़
साइबर अपराध मुक्त छत्तीसगढ़ की पहल, डिप्टी CM विजय शर्मा ने लॉन्च किया ‘साइबर संकल्प’ वीडियो कोर्स
Shantanu Roy
12 Sept 2026 7:27 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने 9 मॉड्यूल वाले डिजिटल पाठ्यक्रम ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ किया। इस दौरान 500 से अधिक विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने साइबर धोखाधड़ी से बचने और जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की। साइबर अपराध मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत लोगों को साइबर अपराधों के नए तरीकों, उनसे बचाव और ऑनलाइन सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
9 वीडियो मॉड्यूल वाला ‘साइबर संकल्प’ शुरू
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने ‘साइबर संकल्प’ डिजिटल पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। यह साइबर सुरक्षा और जागरूकता पर आधारित 9 वीडियो मॉड्यूल का कोर्स है। प्रत्येक वीडियो की अवधि करीब 5 से 6 मिनट रखी गई है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों को आसान भाषा में साइबर अपराधों के आधुनिक तरीकों और उनसे सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक बनाना है।
विद्यार्थियों से किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के दौर में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने डिजिटल लेनदेन का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में बड़ी मात्रा में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों से सतर्क रहना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे खुद साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में समय बर्बाद किए बिना तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना चाहिए।
डिजिटल अरेस्ट ठगी के पीड़ित ने साझा किया अनुभव
कार्यक्रम में साइबर अपराध से पीड़ित लोगों ने अपनी आपबीती भी साझा की। एक करोड़ रुपये से अधिक की डिजिटल अरेस्ट ठगी के शिकार डॉ. सेन ने बताया कि किस तरह उन्हें साइबर अपराधियों ने अपने जाल में फंसाया था। उन्होंने बताया कि समय रहते पुलिस से संपर्क करने के कारण गोल्डन ऑवर में कार्रवाई हुई और ठगी की गई राशि में से 60 लाख रुपये वापस प्राप्त हो सके। उनके अनुभव ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि साइबर ठगी होने पर तुरंत पुलिस और हेल्पलाइन से संपर्क करना बेहद जरूरी है।
साइबर क्राइम वालंटियर बनने की अपील
कार्यक्रम में बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर क्राइम वालंटियर तैयार किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से लोग स्वयं सुरक्षित रहने के साथ दूसरों को भी साइबर अपराधों से बचाने में योगदान दे सकते हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार ने ऑनलाइन सुरक्षा मानकों का पालन करने और साइबर अपराधों के नए तरीकों से सतर्क रहने की सलाह दी। वहीं कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों का जागरूक होना जरूरी है।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक तकनीकी सेवाएं प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला और कुलसचिव शैलेंद्र पटेल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौरव मंडल ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों और उनसे बचने के तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम साइबर जागरूकता अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की पहचान, रोकथाम और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जानकारी दी गई।
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